Sunday, 19 July 2026

Tum Khaas Nahi Ho - Sonam Wangchuk

 तुम ख़ास नहीं हो जो बच जाओगे,

लहरें तुम्हें भी बहा देंगी,

तूफ़ान तुम्हें भी उड़ा देगा,

जाल में एक दिन तुम भी फँस जाओगे,

तुम ख़ास नहीं हो जो बच जाओगे।


झूठ का साया तुम्हें भी मिटा देगा,

नफ़रत की आग तुम्हें भी जला देगी,

जो दर्द आज पड़ोसी को है,

कल तुम्हें भी रुला देगी,

धन की बैसाखी से कितनी ही दूर जाओगे,

तुम ख़ास नहीं हो जो बच जाओगे।


इम्तिहान कल तुम्हारा भी आएगा,

परीक्षा तो तुम्हारी भी होगी,

काग़ज़ पर नहीं, जीवन पर होगी,

गर जो हालात न बदले आज तुम,

कल तुम भी हार ही जाओगे,

तुम ख़ास नहीं हो जो बच जाओगे।


मिल-जुलकर आगे आना होगा,

हाथ देकर हाथ थामना होगा,

एक-दूसरे के लिए आवाज़ बनना होगा,

इंसानियत मात्र का रिश्ता ही सर्वोपरि जब मानोगे,

तुम तुम न रहोगे, हम बन जाओगे।

फिर क्या लहरें तुम्हारा बिगाड़ेंगी,

क्या तूफ़ान तुम्हें उड़ाएंगे,

जाल को लेकर तुम आसमां के हो जाओगे।

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